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चूहों की अप्रत्याशित मददगार प्रवृत्ति

सरल शब्दों में

वैज्ञानिकों ने पाया कि चूहे बिना किसी प्रशिक्षण के अपने साथी चूहों को मुंह खोलकर और जीभ खींचकर बचाते हैं। यह स्वाभाविक व्यवहार चूहों के बीच होता है, जिससे बेहोश चूहा जल्दी जाग जाता है। यह अध्ययन चूहों के सामाजिक व्यवहार और जागरूकता पर नई रोशनी डालता है।

अनोखे व्यवहार का अध्ययन

दक्षिण कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एक दिलचस्प प्रयोग में चूहों के बीच अप्रत्याशित व्यवहार देखा। जब एक बेहोश चूहे को उसके साथी के पास रखा गया, तो दूसरा चूहा उसके साथ अनोखे तरीके से बातचीत करने लगा। यह व्यवहार मुंह खोलने और जीभ खींचने से शुरू होता है।

वैज्ञानिक व्याख्या

शोधकर्ताओं ने पाया कि जब बेहोश चूहों के मुंह में छोटी वस्तुएं डाली गईं, तो अन्य चूहों ने 80% मामलों में उन्हें हटा दिया। यह व्यवहार विशेष रूप से मुंह और चेहरे से संबंधित है।

अन्य प्रयोगशालाओं की पुष्टि

UCLA और चीन की विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय जैसी अन्य संस्थाओं ने भी इसी तरह के व्यवहार की पुष्टि की है। उन्होंने पाया कि चूहे अपने साथियों की प्रतिक्रिया न होने पर मस्तिष्क के विशिष्ट क्षेत्रों को सक्रिय करते हैं।

मदद या जिज्ञासा?

इस व्यवहार को लेकर मतभेद हैं कि यह मदद है या जिज्ञासा। कुछ वैज्ञानिक मानते हैं कि चूहे जिज्ञासा के कारण ऐसा करते हैं, जबकि कुछ का मानना है कि वे जानबूझकर मदद करते हैं।

निष्कर्ष

यह अध्ययन पशुओं के सामाजिक व्यवहार और जागरूकता को समझने में नए सवाल उठाता है। चूहे अपने साथी की मदद करते हैं या नहीं, यह अभी भी बहस का विषय है।